
Sitamarhi जिले के बाजपट्टी प्रखंड स्थित हेमापुर धाम मे भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां करीब 200 साल प्राचीन महादेव मंदिर के गुंबद के पुनर्निर्माण कार्य को लेकर विशेष पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी। पूरे इलाके में भक्ति का माहौल बना हुआ था और मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।

ग्रामीणों ने बताया कि हेमापुर धाम स्थित बाबा भोले शंकर मंदिर क्षेत्र के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। इस मंदिर में वर्षों से आसपास के गांवों के लोग पूजा-अर्चना करने पहुंचते रहे हैं। सावन, महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक मान्यता के कारण स्थानीय लोगों की इस मंदिर के प्रति गहरी आस्था जुड़ी हुई

बताया गया कि मंदिर का गुंबद काफी पुराना और जर्जर हो चुका था। बरसात के दिनों में गुंबद से पानी का रिसाव होने लगा था, जिससे मंदिर की संरचना को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई थी। कई जगहों पर दरारें भी दिखाई देने लगी थीं। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते पुनर्निर्माण कार्य नहीं कराया जाता तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था। इसी को देखते हुए गांव के लोगों और रामजानकी महादेव परिवार ने सामूहिक रूप से निर्णय लेकर मंदिर के गुंबद के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू करने का फैसला लिया।
रविवार को आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा की गई। श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में दीप जलाकर सुख-समृद्धि और गांव की खुशहाली की कामना की। महिलाओं और युवाओं की भी कार्यक्रम में बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कई श्रद्धालु सुबह से ही पूजा की तैयारियों में जुटे रहे।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर को आकर्षक तरीके से सजाया गया था। जगह-जगह फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आ रहा था। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया। धार्मिक आयोजन में शामिल लोगों ने कहा कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं बल्कि गांव की आस्था और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र भी है। ऐसे में मंदिर के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए सभी ग्रामीणों का सहयोग जरूरी है।

ग्रामीणों ने बताया कि नए गुंबद का निर्माण कार्य पारंपरिक शैली में कराया जाएगा ताकि मंदिर की प्राचीन पहचान बरकरार रह सके। इसके साथ ही मंदिर परिसर के अन्य हिस्सों के जीर्णोद्धार की भी योजना बनाई जा रही है। आने वाले समय में मंदिर परिसर को और अधिक आकर्षक एवं सुविधाजनक बनाने की तैयारी है ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।स्थानीय लोगों का कहना है कि हेमापुर धाम का यह मंदिर वर्षों से लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। यहां आने वाले श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ से अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं और उनकी श्रद्धा है कि बाबा भोलेनाथ सभी की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। यही कारण है कि मंदिर के पुनर्निर्माण कार्य को लेकर गांव के लोगों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।इस धार्मिक आयोजन और पुनर्निर्माण कार्य में राजू कुमार तिवारी, बजरंगी राय, सुजीत कुमार ठाकुर, पिंकू राय, रणवीर राय, सुरेंदर राय, राजेश कुमार एवं सैकड़ों अन्य ग्रामीणों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। ग्रामीणों ने एकजुट होकर मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया और कहा कि यह केवल निर्माण कार्य नहीं बल्कि गांव की धार्मिक विरासत को सुरक्षित रखने का प्रयास है।कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान भोलेनाथ की आरती की और गांव की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा और देर शाम तक श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। हेमापुर धाम में आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
