नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अवैध घुसपैठ और देह व्यापार से जुड़े एक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। Delhi Police ने उत्तरी दिल्ली के Jahangirpuri Metro Station के पास छापेमारी कर दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी न केवल अवैध रूप से भारत में रह रहे थे, बल्कि एक संगठित देह व्यापार रैकेट से भी जुड़े हुए थे। इस कार्रवाई को दिल्ली पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान दिप्तो कुमार पाल उर्फ विकास और उसकी कथित पत्नी रूमा बेगम के रूप में हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि दोनों लंबे समय से अवैध गतिविधियों में शामिल थे।
पहले भी हो चुके हैं डिपोर्ट
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूल किया कि वे पहले भी अवैध रूप से भारत में घुसने के आरोप में पकड़े जा चुके थे। उस समय उन्हें वापस उनके देश Bangladesh भेज दिया गया था।
हालांकि डिपोर्ट होने के बाद भी दोनों ने दोबारा अवैध तरीके से भारत की सीमा पार की और दिल्ली में आकर रहने लगे। पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ अवैध घुसपैठ का नहीं, बल्कि एक बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।

महिलाओं की तस्करी का आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी दिप्तो कुमार पाल उर्फ विकास का काम बांग्लादेशी महिलाओं को अवैध रूप से सीमा पार कराकर भारत लाना था। इसके बाद उन्हें अलग-अलग शहरों में भेजा जाता था, जहां उन्हें देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया जाता था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह नेटवर्क काफी समय से सक्रिय हो सकता है और इसके तार कई राज्यों तक फैले होने की आशंका है।
कथित पत्नी भी रैकेट में शामिल
जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी की कथित पत्नी रूमा बेगम भी इस अवैध गतिविधि में शामिल थी। पुलिस का कहना है कि वह महिलाओं को ठिकानों तक पहुंचाने और संपर्क बनाने में अहम भूमिका निभाती थी।
सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपी मिलकर इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने में सहयोग कर रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
जहांगीरपुरी इलाके में छापेमारी
सूचना मिलने के बाद Delhi Police की टीम ने जहांगीरपुरी इलाके में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के समय आरोपियों के पास से कुछ दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इन दस्तावेजों के आधार पर पुलिस को नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
बड़े नेटवर्क की आशंका
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ दो लोगों तक सीमित नहीं हो सकता। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इस गिरोह के और सदस्य भी दिल्ली या देश के अन्य हिस्सों में सक्रिय हैं।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि अवैध रूप से सीमा पार कराए गए लोगों को किन-किन शहरों में भेजा गया और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
इस घटना के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। अवैध घुसपैठ और मानव तस्करी जैसे मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में अक्सर अंतरराष्ट्रीय गिरोह शामिल होते हैं, जो गरीब और असहाय महिलाओं को झांसा देकर उन्हें अवैध गतिविधियों में धकेल देते हैं।
जांच जारी
फिलहाल Delhi Police दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
