बिहार में मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी जैसी गंभीर समस्याओं के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई को मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार को बिहार पुलिस मुख्यालय, सरदार पटेल भवन, पटना के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का विषय “Human Trafficking & Bonded Labour – Together Against Traffickers” रखा गया था। कार्यक्रम का आयोजन मानव-व्यापार निरोध इकाई, कमजोर वर्ग प्रभाग द्वारा किया गया।

कार्यशाला का उद्घाटन बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने किया। इस दौरान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) डॉ. अमित कुमार जैन, पुलिस उप-महानिरीक्षक (कमजोर वर्ग अपराध अनुसंधान विभाग) आमिर जावेद सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक एवं NDRF के पूर्व अधिकारी डॉ. पी. एम. नायर ने मानव तस्करी तथा बंधुआ मजदूरी के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानव तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक और मानवीय चुनौती भी है, जिसके खिलाफ सभी एजेंसियों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

कार्यशाला के दौरान 31 जुलाई 2025 से 14 अगस्त 2025 तक चलाए गए ‘ऑपरेशन नया सवेरा’ की सफलता और इस दौरान की गई कार्रवाई की भी सराहना की गई।
इसी क्रम में बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा 1 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक ‘ऑपरेशन नया सवेरा 2.0’ चलाने की घोषणा की गई है। इस अभियान के तहत मानव तस्करी, बाल श्रम, रेड लाइट एरिया तथा ऑर्केस्ट्रा ग्रुप से जुड़े पीड़ितों को मुक्त कराने और उनके पुनर्वास के लिए राज्यभर में सघन अभियान चलाया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नाबालिग लड़कियों को मानव तस्करी और यौन शोषण से बचाना तथा पीड़ितों को सुरक्षित जीवन और पुनर्वास उपलब्ध कराना है।
